धरमजयगढ़ – अंबुजा सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड अपने प्रस्तावित सीमेंट कारखाने के लिए रेलमार्ग से कोयला परिवहन की बात कह रही है, परंतु इसके कई पहलू अब भी संदिग्ध और अनसुलझे हैं। कंपनी के गंतव्य स्थल, संयंत्र तक पहुंचने वाले रेल मार्ग और इस पूरी परियोजना के नियोजन पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी सिर्फ अपने लाभ के लिए आगे बढ़ रही है, लेकिन उसके पास न तो स्पष्ट जवाब हैं और न ही पारदर्शी दस्तावेज।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि रेल लाइन का अंतिम बिंदु तय किस आधार पर किया गया है? क्या यह बिंदु केवल उद्योग के हित में चिन्हित किया गया या क्षेत्र की भौगोलिक, पर्यावरणीय और सामाजिक संरचना का अध्ययन भी किया गया? अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि रेल लाइन किस मार्ग से होकर गुजरेगी और किन बस्तियों, खेतों, जंगलों तथा जलस्रोतों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। रेल मार्ग की योजना अनेक ग्रामों की कृषि भूमि को प्रभावित करेगी। किसानों में यह चिंता गहराती जा रही है कि कहीं यह परियोजना उनकी जमीन, आजीविका और जीवनशैली पर स्थायी चोट न बन जाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी रेलवे लाइन का नक्शा, और प्रभाव क्षेत्र का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने से बच रही है। उनका कहना है कि यदि सब कुछ सही है, तो जानकारी छिपाई क्यों जा रही है?
लगातार बढ़ते सवालों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब जनता केवल भरोसा नहीं करेगी, उसे ठोस जवाब चाहिए। लोगों की मांग है कि सरकार खुली जांच कराए, संपूर्ण दस्तावेज सार्वजनिक हों और प्रभावित ग्रामों की साफ-साफ राय दर्ज की जाए। जब तक यह नहीं होता, संदेह, अविश्वास और विरोध की लपटें शांत होने वाली नहीं हैं।
